पहलीबार एकरा मस्जिद में लगा रक्तदान शिविर, 33 लोगों ने किया रक्तदान

मौलाना की कोशिश रंग लाई, और तीन शुक्रवार लगेगा रक्तदान शिविर

शोहदा ए कर्बला की याद में लोगों ने किया रक्तदान

राँची :- एकरा मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना डा ओबैदुललाह क़ासमी की पहल और एकरा मसजिद संचालन समिति के सहयोग से कर्बला के शहीदों की याद में एकरा मसजिद मेन रोड़ में रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। जिस में जुमा नमाज़ के बाद 40 लोगो ने फार्म भरा और 33 लोगो ने रक्तदान किया। तमाम लोगों ने इस तरह के कार्यक्रम को सराहा। मौलाना डा, ओबैदुललाह क़ासमी ने मस्जिद की ओर से रक्त दान शिविर का आयोजन किए जाने की कारण बताते हुए कहा कि आम तौर पर लोगों कि यह धारना है कि मुसलमान रक्तदान नहीं करते हैं। और दूसरी बात यह है कि आज मदरसा और मस्जिद की क्षवि को जिस तरह बिगाड़ कर पेश किया जा रहा है, यह रक्त दान शिविर उन तमाम गलत धारणाओं को तोड़ने और इसलाम की इंसानियत दोस्ती, आपसी हमदर्दी, भाईचारगी, प्रेम, सदभाव, जाति धर्म के भेद भाव के खालिस इंसानियत के नाम पर एक दूसरे की ख़िदमत और काम आने के जज़़बा को बढ़ावा देने की एक छोटी सी कोशिश है। मौलाना क़ासमी ने कहा कि खून सब की ज़रूरत है, एक बीमार आदमी को जब खून की ज़रूरत पड़ती हैं तो वो ये नहीं देखता कि किस जाति या धर्म के मानने वाले का खून है। हम धर्म के नाम पर भले ही बेगुनाहों का खून बहा लें, लेकिन कोई धर्म धर्म के नाम पर मजहबी नफरत फैला कर खून बहाने की एजाज़त नहीं देता। इनसानी जिंदगी में खून की बड़ी अहमियत है। कुर्आन के सूरा नवंबर 5/ आयत नवंबर 32/ में अल्लाह ने कहा है कि “जिस ने किसी एक इंसान की जान बचाई गोया उसने पूरी इंसानियत की जान बचाई ” मौलाना कासमी ने आगे कहा कि भारत को अंगरेजों की गुलालामी से आजादी दिलाने के लिए हम मुसलमानों ने अपनी जानों की कुर्बानी दी और देश की एकता व अखंडता के लिये खून बहाया है, तो फिर इंसानी जान को बचाने के लिए रक्तदान क्यों न किया जाए। मुहर्रम के इसी महीने में हज़रत हुसैन ने अपने और अपने घर वालों के खून से इसलाम को सींचा है। और कर्बला की शहादत से दुनिया को ये पैग़ाम दिया कि ज़ालिम के आगे इंसान का सर कट तो जाए लेकिन झुकना नहीं चाहिए। आज दुनिया जुलम से भर गई है, समाज में जुलम और ज़ालिम का हौसला बुलंद है। आज हमारे घर और समाज में आप को हुसैन भी मिल जाएंगे और यज़ीद भी मिल जाएंगे,
आज मुहर्रम के पहले जुमा और आने वाले तीन जुमा में कर्बला के शहीदों की याद में रक्तदान किया जायेगा। हज़रत हुसैन के असली किरदार को लोगों के सामने पेश करने की अदना पहल और कोशिश है। वही मस्जिद शूरा कमिटी के सदस्य एजाज गद्दी ने कहा कि रक्तदान करना आज के दौर का सबसे बड़ा अहम हिस्सा है। किसी जरूरतमंद को रक्त मिले इससे बढ़कर कुछ और नही हो सकता। एजाज गद्दी ने कहा कि एक रक्तदाता तीन जरूरतमंद लोगों के जीवन को बचा सकता है। आज के इस रक्त दान शिविर को कामयाब बनाने वालो में एकरा मस्जिद के खतीब मौलाना डा, ओबैदुललाह का़समी, मो शकील, फीरोज़ हैदरी, मो फहीम, एजाज़ गद्दी, साहेब अली, सरवर खान, मो, समीउललाह उर्फ कललू, मो शमीम उर्फ पप्पू, मो अली, मो परवेज़ उमर, मो साजिद उमर, नदीम इकबाल, मो अबूज़र, और हर मुहलले के नौजवानों का काफी योगदान रहा।

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