राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड की समीक्षात्मक बैठक का गुरुवार को राँची में आयोजन किया गया।

रांची: रांची में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड की समीक्षात्मक बैठक का गुरुवार को आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड डा. नितीन कुलकर्णी ने की। सचिव ने कहा कि 30 सितंबर 2019 तक क्षय रोग में लक्ष्य के अनुरूप राशि खर्च नहीं होने पर कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने फिक्स डेड एप्रोच के तहत लीप्रोसी के कार्यो को ससमय करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने को कहा। मलेरिया से बचाव के लिए दवायुक्त मच्छरदानी 15 सितंबर तक राज्यस्तर से जिलास्तर तक पहुंच जाना चाहिए तथा 30 सितंबर तक जिलों में लाभुकों के बीच वितरीत कर देना है। कार्य नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई करने की बात कही। उन्होने मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कम उपलब्धि वाले जिलों को निर्देश दिया कि वे अपने ब्लॉक का रीव्यू कर उसमें सुधार करे तथा कार्य नहीं करने की स्थिति में प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। फ्रू को क्रियान्वित करने के लिए सी-सेक्शन अनिवार्य रूप से करने को कहा। लक्ष्य के तहत गढ.वा एवं पलामू को निर्देश दिया कि अपने जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए। हजारीबाग सदर अस्पताल में संसाधनों के होने के उपरांत भी वहां स्वास्थ्य व्यवस्था सही नहीं है, निर्देश दिया गया कि सदर अस्पताल हजारीबाग की स्वास्थ्य व्यवस्था व्यवस्थित कर अद्यतन करें। उन्होंने सभी जिला के सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में लापरवाही एवं कोताही बरतने पर संबंधित जिले के सिविल सर्जन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जिला के सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मातृ स्वास्थ्य के साथ-साथ शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी कार्यक्रमों में सुधार नहीं करने वाले जिलों पर कार्रवाई होगी। सचिव ने सभी जिले को अभियान चलाकर जेएसवाई तथा सहिया का प्रोत्साहन राशि का भुगतान 30 सितंबर तक करने निर्देश दिया। दुमका, पलामू एवं कडोरमा में जेएसएसके कार्यक्रम में धीमी प्रगति पर नराजगी जताई तथा शक्त निर्देश देते हुए कहा कि जेएसएसके में सुधार नहीं किया गया तो लापरवाही एवं गैरजिम्मेवार पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी। सभी जिलों के सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का प्रतिवेदन अद्यतन करने का निर्देश दिया। अभियान निदेशक एनएचएम झारखड डा. शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि पीपीपी में सरकार के नियम कानून को ध्यान में रखकर कार्य करना है, जिससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। इस अवसर पर डा. भीएस दास  निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं,  डा. जेपी  सांगा नोडल पदाधिकारी थैलीसीमिया एवं स्किल सेल एनिमिया निदेशक वित्त, नरसिंह कुमार खलखो, सुमन पाठक, प्रशासी पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड तथा निदेशक, अपर निदेशक, उपनिदेशक उपस्थित थे।

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