समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचनी चाहिए: मुख्यमंत्री

रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मैं भी टाटा स्टील में मजदूर था, लेकिन झारखंड की जनता ने विकास और खुशहाली के लिए पूरे राज्य का मजदूर बनाकर भेजा। ऐसे में समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचनी चाहिए, इसी ध्येय के साथ काम कर रहा हूं। इसी सिलसिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और भवन निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित करने की खातिर सरायकेला-खरसांवा जिले के आदित्यपुर से श्रमशक्ति अभियान का शुभारंभ कर रहे हैं। पूरे राज्य के लिए इस अभियान को शुरु करने के लिए बुधवार 25 सितंबर से अच्छा दिन नहीं हो सकता। इस दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है। ये एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने साम्यवाद और पूंजीवाद फेल होने पर एकात्म मानववाद का संदेश दुनिया को दिया। वे समाज के हर तबके की समृद्धि और खुशहाली चाहते थे। पंडित दीनदयाल पर आज पूरे देश को गर्व है। 

2 अक्टूबर तक चलेगा श्रमशक्ति अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमशक्ति अभियान शुरु हुआ है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर होगा। इस दौरान असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, सब्जी विक्रेता, रिक्शा चालक, ठेला चालक, खेतिहर मजदूर आदि के साथ-साथ भवन निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का निबंधन मुफ्त में किया जा रहा है। इसके लिए सभी प्रखंडों और शहरों में जगह-जगह शिविर लगाए जाएंगे। मजदूरों का निबंधन कराने के पीछे सरकार का मकसद है कि इन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण दिया जा सके।

उद्योग और रियल इस्टेट में काम करने वाले सभी मजदूर हों निबंधित

मुख्यमंत्री ने मौके पर ही श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि वे उपायुक्तों को यह निर्देश दे कि वे फैक्ट्रियों के संचालकों और रियल इस्टेट के कारोबारियों के साथ बैठक करें। उन्हें यह निर्देश दिया जाए कि वे सिर्फ वैसे मजदूरों को ही अपने यहां काम पर रखेंगे तो निबंधित होंगे। इतना ही नहीं, अपने-अपने फैक्ट्रियों, कंपनियों, प्रतिष्ठानों और दफ्तरों में शिविर लगाकर मजदूरों का निबंधन करेंगे। इसके लिए समय सीमा का भी निर्धारण किया जाए। इसके उपरांत जो उद्योग व फैक्ट्री संचालक और रियल इस्टेट कारोबारी इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें।

सामाजिक संगठन, एनजीओ, राजनीतिक दल और ट्रेड यूनियन करें सहयोग

मुख्यमंत्री ने सभी सामाजिक संगठनों, एनजीओ, राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों से आग्रह किया कि वे श्रमशक्ति अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा मजदूरों के निबंधन हो, इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हितों का संवर्धन न सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज कार्य से जुड़े लोगों का भी दायित्व बनता है। इससे मजदूरों को उनके लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने मे काफी सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के पहले झारखंड भवन निर्माण बोर्ड से निबंधित मजदूर भाईयों को शर्ट-पैंट का कपड़ा और बहनों को साड़ी दिया जाएगा। सरकार सभी श्रमिकों का विकास चाहती है और इसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे, क्योंकि इनका राज्य और देश के नवनिर्माण में अहम योगदान है।

भवन निर्माण के मजदूरों के लिए हैं 150 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों के लिए सरकार के पास 150 करोड़ रुपए का फंड है। ऐसे में भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों का ज्यादा से ज्यादा निबंधन होना चाहिए, ताकि इस फंड का इस्तेमाल उनके हित में किया जा सके।

  सफाई कर्मी भी निर्माण बोर्ड में किए गए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में विभिन्न निकायों से जुड़े 18 हजार से ज्यादा सफाई कर्मी हैं। इन सफाई कर्मियों को भी श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्माण बोर्ड से जोड़ दिया गया है। सरकार यह निर्णय ले चुकी है कि जो भी सफाई कर्मी तीन दिनों का प्रशिक्षण ले लेंगे उनके मासिक वेतन में पांच सौ रुपए की वृद्धि हो जाएगी, क्योंकि वे अकुशल से कुशल श्रमिक की श्रेणी में आ जाएंगे।

  श्रमिकों का निबंधन कराने वाले को भी मिलेगी राशि

मुख्यंत्री ने कहा कि श्रमिकों का निबंधन कराने वाले लोगों को भी राशि दी जाएगी। इसके अंतर्गत प्रति श्रमिक का निबंधन फॉर्म भरवाने वाले को दस रुपए दिए जाएंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों के निबंधन के लिए लोगों को भी जागरुक करना है।

श्रमिकों का हित प्रधानमंत्री की प्राथमिकता श्रेणी में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष प्राथमिकता में श्रमिकों का विकास है। बुढ़ापे में श्रमिकों को किसी के आगे पैसे के लिए हाथ नहीं फैलाना पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री मानधन योजना शुरु की गई है। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पेंशन समेत कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरु की गई हैं। सबसे बड़ी बात कि बहुत जल्द वैसे श्रमिकों, जिन्होंने किसी कंपनी में पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें भी ग्रैच्युटी का लाभ दिया जाएगा। इस बाबत संसद में जल्द ही विधेयक लाया जाएगा।

  निबंधन के लिए क्या है जरूरी

श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने बताया कि श्रमशक्ति अभियान के अंतर्गत लगने वाले शिविरों में श्रमिकों के निबंधन के लिए काफी सरल व्यवस्था की गई है। इसके लिए श्रमिकों को सिर्फ बैंक पासबुक का खाता नंबर, आधार कार्ड और मोबाइल नंबल देना होगा। इसके उपरांत उनका मुफ्त निबंधन किया जाएगा।

निबंधित श्रमिकों को इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

असंगठित कर्मकार बीमा योजना: निबंधित श्रमिकों को असंगठित कर्मकार बीमा योजना के अंतर्गत मृत्यु होने पर उनके आश्रित को दो लाख रुपए मिलेगा। इसके लिए श्रम विभाग की ओर से श्रमिक के बीमे की पूरी प्रीमियम की राशि एलआईसी को दी जाएगी। अंत्यष्टि सहायता योजना: श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना: इस योजना के अंतर्गत निबंधित श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए 250 रुपए से लेकर आठ हजार रुपए तक की छात्रवृति दी जाएगी। कौशल उन्नयन योजना: इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों के बच्चों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए योग्य बनाया जा सके। चिकित्सा सहायता योजना: इस योजना के अंतर्गत महिला श्रमिकों को पहले दो प्रसव के लिए पंद्रह हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ श्रमिकों के लिए कई और योंजना संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उन्हें मिल सकेगा।

  मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर पांच श्रमिकों को सौंपा निबंधन कार्ड

श्रमशक्ति अभियान के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सांकेतिक तौर पर पांच श्रमिकों को निबंधन कार्ड सौंपा। इन श्रमिकों में सरायकेला-खरसांवा जिले के बरसात उरांव, दुलाल महतो, मोताय पूर्ति, दसवां पूर्ति और मिश्री लाल महतो शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी श्रमिकों को पगड़ी और शॉल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक साधुचरण महतो, आदित्यपुर नगर निगम के मेयर एवं डिप्टी मेयर, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सरायकेला-खरसांवा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत हजारों की संख्या में श्रमिक मौजूद थे।

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