पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र में दिए भड़काऊ भाषण पर भारत का करारा जबाब


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र में दिए भड़काऊ भाषण पर भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय की प्रथम सचिव ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दो टूक कहा कि पाक पीएम ने UN के मंच का गलत इस्तेमाल करते हुए नफरत भरा भाषण दिया है। कश्मीर ही नहीं, भारतीय मुसलमानों को लेकर इमरान के प्रॉपेगैंडा का माकूल जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों को आतंकवाद की फैक्ट्री चलाने वाले देश से नसीहत लेने की जरूरत नहीं है।विदिशा ने आगे कहा कि परमाणु हमले की धमकी देकर इमरान खान ने अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि वह क्रिकेटर रह चुके हैं और इसे जेंटलमैन का गेम माना जाता है लेकिन आज की स्पीच में उन्होंने (इमरान खान) अपरिपक्वता का परिचय दिया है।

भारत ने गिनाए इमरान के एक-एक शब्द

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इमरान के दिए भाषण को नफरत वाला बताते हुए कहा कि उन्होंने इस वैश्विक मंच का दुरुपयोग किया है। भारत ने इमरान के नस्लीय संहार, ब्लड बाथ, नस्लीय सर्वोच्चता, बंदूकें उठा लो, आखिर तक लड़ेंगे जैसे एक-एक शब्दों को गिनाते हुए कहा कि यह उनकी मध्यकालीन मानसकिता को दिखाता है। विदिशा ने यूएन में साफ कहा कि इमरान खान की बोली हर बात झूठ है।

भारत ने घेरा, आतंकियों को पेंशन देता है पाक
भारत की प्रथम सचिव ने कहा कि अब चूंकि पाक पीएम ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि वह पर्यवेक्षक भेजकर जांच करा लें कि पाकिस्तान में आतंकी नहीं हैं। ऐसे में अब दुनिया को आगे बढ़ना चाहिए। पाकिस्तान पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि क्या पाकिस्तान इस बात से इनकार करेगा दुनिया में केवल वहां की सरकार ही है जो संयुक्त राष्ट्र की अल कायदा और दाएश प्रतिबंध सूची में मौजूद आतंकियों को पेंशन देती है।

MEA की प्रथम सचिव ने कहा कि क्या पाकिस्तान के पीएम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि उनका देश UN द्वारा घोषित 130 आतंकियों और 25 आतंकी संगठनों की शरणस्थली है। क्या पाकिस्तान इस बात से इनकार करेगा कि 27 में से 20 पैरामीटर्स के उल्लंघन के कारण फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने उसे नोटिस दे रखा है। क्या पीएम इमरान खान न्यू यॉर्क शहर से इनकार करेंगे कि वह ओसामा बिन लादेन का खुले तौर पर बचाव करते रहे हैं।

क्या पाकिस्तान इस बात से इनकार करेगा दुनिया में केवल वहां की सरकार है जो संयुक्त राष्ट्र की अल कायदा और दाएश प्रतिबंध सूची में मौजूद आतंकियों को पेंशन देती है। क्या इमरान खान इससे इनकार करेंगे कि वह ओसामा बिन लादेन का समर्थन करते रहे हैं।विदिशा मैत्रा, UN में
‘अत्याचार करने वाला मानवाधिकार का चैंपियन बन रहा’
भारत ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि इमरान खान अपने झूठ से मानवाधिकार का चैंपियन बनना चाहते हैं जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। विदिशा मैत्रा ने कहा कि पीएम इमरान खान को यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में पाकिस्तान ने अपने ही लोगों पर अत्याचार किए थे और इसी वजह से बांग्लादेश की स्थापना की गई थी।

विदिशा ने कहा कि यह एक ऐसा देश है जहां अल्पसंख्यक समुदाय 1947 में 23% से सिकुड़कर 3% रह गया है। पाकिस्तान में ईसाई, सिख, अहमदिया, हिंदू, शिया, पश्तून, सिंधी और बलूचों को ईश निंदा कानून के तहत प्रताड़ित किया जाता है और वे जबरन धर्मांतरण का शिकार हो रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र को अनुच्छेद 370 पर फैसले की सच्चाई से रूबरू कराते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के पुराने कानून को हटाया गया है, पाकिस्तान इस पर गलत बातें फैला रहा है। भारत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को मुख्यधारा में शामिल करना चाहता है। भारत के लोगों को किसी भी दूसरे देश खासतौर पर जिसने नफरत की विचारधारा से आतंकवाद की फैक्ट्री बनाई है, की तरफ से सलाह या नसीहत लेने की जरूरत नहीं है।

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