कोल्हान जनसमर्थन से घबराई मैदान छोड. झामुमो मैदान के नाम पर कर रही है गुमराह: रामकुमार पाहन

रांची: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह खिजरी विधायक रामकुमार पाहन ने कहा कि मुद्दा रहित झामुमो अनर्गल बयानबाजी कर रही है। घट रहे जनाधार को लेकर मैदान बदल रहे है। जसोबा ने 1 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में बुकिंग के लिए आवेदन दिया था, जबकि झामुमो सारी बातों को जानने के बावजूद 8 अगस्त को आवेदन दिया। फर्स्ट कम फर्स्ट बेसिस पर मैदान जसोबा को दिया गया, साथ ही झामुमो को प्रशासन ने 16 अगस्त को सूचित कर दिया कि मैदान नियमानुकुल आवंटित किया जा चुका है। झामुमो बदलाव रैली निकाल रही थी, पर जनता समझ चुकी है कि यह बदलाव सिर्फ परिवार के जीवन मे आया है। उक्त बातें उन्होंने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा सोरेन परिवार ने जिस तरह सत्ता का दुरुपयोग करते हुए करोड़ो की संपत्ति अर्जित की, एक दिन में 6-6 जमीन की रजिस्ट्री करा डाली, उसे अब जनता समझ चुकी है। परिवारवाद से ग्रसित झामुमों अब न तीन  में रही न तेरह में। पाहन ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, इसलिए कोल्हान का जनसमर्थन मिला। कोल्हान में भाजपा की जनआशीर्वाद यात्रा में भारी संख्या में लोगों का शामिल होना इस बात की स्वीकृति है कि भाजपा की नीति और कार्यक्रम जनाकांक्षाओं के अनुरूप है। पाहन ने कहा कि आदिवासियों के उत्थान के लिए भाजपा हमेशा सजग और तत्पर रही है। इसलिए सरकार में आते ही हमने सबसे पहले अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया। इसके अलावा आदिवासी समाज के धार्मिक अगुवा जैसे मानकी, मुंडा, पाहन, नाइकी, प्रधान आदि को प्रोत्साहन राशि दिया है। साथ ही आदिवासी समाज के हजारों सरना स्थल, जाहेरथन की सुंदरीकरण या घेराबंदी किया है। यूपीएसई पास करनेवाले मेधावी आदिवासी छात्रों के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता करने का निर्णय लिया है। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक के छात्रों को 527 करोड. की छात्रवृत्ति दिया है। कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा में एक मेडिकल कॉलेज समेत राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया है। आदिवासी समाज के विश्वप्रसिद्ध लुगुबुरु मेले को राजकीय मेला का दर्जा मिलने से झारखंड की संस्कृति को विश्व पटल पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि 2104 से 2018 के बीच लड.को की संख्या में 63 हजार का इजाफा हुआ, जबकि लड.कियों की संख्या 1 लाख 34 हजार भारी वृद्धि हुई। जबकि सरकार के महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों की धरातलीय सफलता का परिणाम है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान बना। जिसके अंतर्गत बेटियां की शिक्षा से लेकर शादी और स्वावलंवन तक कि जिम्मेदारी सरकार ने उठाई। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक अनूठा और अभिनंदनीय प्रयास है। 1 रुपए की जमीन-मकान रजिस्ट्री ने महिलाओं को संपत्ति की मालकिन बनाया। अब 80 फीसदी रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो रही है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार में सखी मंडल की संख्या 40 हजार से 2.5 लाख तक पहुंची तथा अलग-अलग क्षेत्रों में 20 लाख महिलाओ को सखी मंडल के माध्यम से रोजगार के अवसर मिले। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 50 लाख गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपए सालाना की आर्थिक राशि, जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत 90 लाख गर्भवती महिलाओं का रक्षण किया गया। प्रेसवार्ता में मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक बड़ाईक, अशेष बारला, बिंदेश्वर उरांव, अनु लकड़ा उपस्थित थे।

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