मुख्यमंत्री 16 ग्रीड का किया शिलान्यास किया

रांची: 2014 में जब मैं मुख्यमंत्री बना तो बिजली, पानी, सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। सरकारी स्तर पर भी सुस्ती नजर आई। बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत थी। क्योंकि सरकार की सोच रही कि जब जनता टैक्स देती है तो उसे सुविधा भी मिलनी चाहिए। तबसे लेकर अबतक टीम झारखंड के रूप में हमने काम करना प्रारंभ किया। 30 लाख विद्युतविहीन घरों को बिजली से रोशन किया। क्योंकि बिजली के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। यही वजह रही कि जिस झारखंड को 114 ग्रीड की जरूरत थी, वहां मात्र 31 ग्रीड थे। विद्युत वितरण, संचरण और उत्पादन में कई कार्य करने थे। अबतक 18 ग्रीड का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका था, 46 ग्रीड का काम अंतिम चरण में है। 350 नए सबस्टेशन बन रहे हैं। 120 का काम पूरा हो चुका है। 54 का काम जल्द पूर्ण होगा। आज खुशी का दिन है कि 10 हजार 608 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। 16 नए ग्रीड का उद्घाटन व 16 ग्रीड का शिलान्यास भी हुआ है। अब यहां के लोगों को डीभीसी से बिजली की निर्भरता कम होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गोविंदपुर में उर्जा विभाग की 120 योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम में कही।

किसानों को अलग फीडर हो रहा है तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को भी कृषि कार्य के लिए बिजली उपलब्ध कराना है। 174 फीडर कृषि कार्य के लिए निर्मित हो रहें हैं। 120 फीडर का कार्य पूरा हो चुका है। 54 का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोड्डा में अडानी द्वारा पावर प्लांट का निर्माण हो रहा हैं। जहां से उत्पादित बिजली का 25 प्रतिशत राज्य को मिलेगा।

निशुल्क बिजली देने का वादा नहीं, बिजली विभाग घाटे में

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को निशुल्क बिजली देने का वादा करने वाले लोग जनता को बरगलाते हैं। यही काम आजादी के बाद से होता आया है, लेकिन वर्तमान सरकार जनता से कोई झूठा वादा नहीं करना चाहती। जो वादा करती है उसे पूरा करने का भरोसा भी होता है। सरकार आपको गुणवत्तापूर्ण निर्बाध बिजली देगी, लेकिन हमसब बिजली बिल भी भरेंगे। ऐसा नहीं करने पर उर्जा विभाग घाटे में चला जाएगा, जिसे उस घाटे से उबारना मुश्किल होगा। आप सोचिए पहले के सरकारों की गलत नीतियों की वजह से कोयला का प्रचूर भंडार होने के बावजूद उर्जा विभाग घाटे में है। झारखंड के कोयले में इतनी ताकत है कि वह दुनिया को रोशन कर सकता है।

उर्जा का संरक्षण करें, जागरूकता जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव और कस्बों में दिन में भी बल्ब जलता दिख रहा है। यह उर्जा का क्षय है। इसका बोझ आप पर और सरकार पर आएगा। मुखियागण इस संबंध में लोगों के बीच जागरूकता का संचार करें और उर्जा संरक्षण में महती भूमिका निभाएं।

निरसा में बंद पड़े छोटे उद्योगों को प्रारंभ किया जाएगा

रघुवर दास ने कहा कि पूर्व में अगर कोयला बेचने की जगह बिजली उत्पादन का काम होता, वैल्यू एडेड प्लांट लगाए जाते तो बेरोजगारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता। आनेवाले दिनों में निरसा में बंद पड़े उद्योग ’भट्ठा’ को प्रारंभ किया जाएगा। जब कोयला यही उपलब्ध है तो यह कार्य होगा। इस अवसर पर धनबाद सांसद पशुपतिनाथ सिंह, विधायक सिंदरी फूलचंद मंडल, विधायक धनबाद राज सिन्हा, मेयर धनबाद शेखर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक उर्जा विभाग राहुल पुरवार, विद्युत संचरण के प्रबंध निदेशक, उपायुक्त अमित कुमार, कौशल किशोर, वरीय पुलिस अधीक्षक व अन्य उपस्थित थे।

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