मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत चुनाव में दिग्गजों को मिली करारी शिकस्त

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के मतगणना नतीजों ने भाजपा और उसके मुख्यमंत्री रघुवर दास को तगड़ा झटका दिया है, जहां भाजपा चुनाव हार गई है। एक साल में भाजपा ने पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अब झारखंड में सत्ता गंवा दी। अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित 28 सीटों में वोटों के बंटने से भाजपा सिर्फ 2 ही जीत सकी। वहीं चुनाव में झामुमो ने 19 और कांग्रेस ने 6 सीटें अपने नाम कीं। एक सीट बाबूलाल मरांडी के झाविमो को मिली। भाजपा के हाथ खूंटी और तोरपा सीटें ही आईं। वहीं इस चुनाव में कई बड़े दिग्गजों को भी हार का सामना करना पड़ा है।

रघुवर दास: झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के मतगणना नतीजों ने भाजपा और उसके मुख्यमंत्री रघुवर दास को तगड़ा झटका दिया है, जहां भाजपा चुनाव हार गई है और खुद मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से भाजपा के ही बागी और अपनी ही कैबिनेट के मंत्री रहे सरयू राय से 15 हजार से ज्यादा वोट के अंतर से हार गए। मुख्यमंत्री रघुवर दास को 57,694 मत प्राप्त हुए। रघुवर दास को यहां 15,808 मतों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत उनकी कैबिनेट के चार मंत्री चुनाव हार गए। इनमें लुईस मरांडी, राज पालिवार, आजसू के रामचंद्र सहिस हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ और विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव को भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

दिनेश उरांव: झारखंड में हुए पिछले तीन विधानसभा चुनाव में विधानसभा अध्यक्ष चुनाव नहीं जीत सके हैं। इसबार भी यह मिथक विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव नहीं तोड़ सके और 38,418 मतों से चुनाव हार गए। सिसई विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर दिनेश उरांव का मुकाबला झामुमो के प्रत्याशी जिग्गा होरो से था। दिनेश उरांव को 55,151 वोट मिले, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिग्गा सुसारन होरो 93,591 मत प्राप्त किए।

लक्ष्मण गिलुआ: रघुवर दास के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ भी चक्रधरपुर से चुनाव हार गए हैं। झामुमो के सुखराम उरांव ने भाजपा के लक्ष्मण गिलुआ को करीब 13000 वोटों के अंतर से हरा दिया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में भी गिलुआ को सिंहभूम सीट से कांग्रेस की मधु कोड़ा ने तकरीबन 70 हजार वोटों से हराया था।

राज पालिवार: इसके अलावा झारखंड सरकार में श्रम, रोजगार और प्रशिक्षण मंत्री रहे राज पालिवार को भी हार का सामना करना पड़ा है। माधवपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार राज पालिवार को 65,046 वोट मिले हैं। राज पालिवार को झामुमो के उम्मीदवार हाजी हुसैन अंसारी ने मात दी है। अंसारी को 88,115 वोट मिले हैं।

रामचंद्र सहिस: पूर्वी सिंहभूम के जुगसलाई सीट से आजसू पार्टी प्रत्याशी और मंत्री रामचंद्र सहिस को भी विधानसभा चुनाव में हार का सामना देखना पड़ा। मंत्री रामचंद्र सहिस को झुमामो के मंगल कालिंदी से 22 हजार के मतों के अंतर से पराजित हुए हैं। बता दें कि जुगसलाई सीट से वर्ष 2014 में सहिस यहां से 25,045 वोट से जीते थे।

सुखदेव भगत: लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के सुखदेव भगत को कांग्रेस के प्रत्याशी रामेश्वर उरांव ने 30,150 मतों से शिकस्त दी। सुखदेव भगत को 44,230 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के रामेश्वर उरांव को 74,380 वोट प्राप्त हुए। लोहरदगा विधानसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी ने खुद अपना ही जीत का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले कांग्रेस पार्टी को साल 2015 के विधानसभा उपचुनाव में 23,228 वोट की बड़ी जीत हासिल हुई थी। तब कांग्रेस पार्टी के टिकट पर सुखदेव भगत चुनाव जीते थे। उन्होंने आजसू की प्रत्याशी नीरू शांति भगत को इस चुनाव में मात दी थी।

राधाकृष्ण किशोर: झारखंड विधानसभा चुनाव में दलबदलुओं को करारा झटका लगा है। चुनाव से पहले भाजपा छोड़ने वाले नेताओं में आजसू के राधाकृष्ण किशोर को करारी हरार को सामना देखने को मिला है। छतरपुर विधानसभा सीट पर चुनाव लड़े राधाकृष्ण किशोर को भाजपा की पुष्पा देवी ने बुरी तरह से मात दी। राधाकृष्ण किशोर को सिर्फ 16,018 वोट मिले। उनका वोट प्रतिशत 9.84 रहा।

सुनीता चौधरी: 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य में लगातार 15 साल से मंत्री रहे चंद्रप्रकाश चौधरी के गिरीडीह में सांसद बनने के बाद विधानसभा चुनाव में वे अपनी पत्नी सुनीता चौधरी को चुनाव जिताने में असफल हो गए। इस प्रकार रामगढ़ में आजसू का पिछले 15 साल का किला ध्वस्त हो गया। झारखंड की रामगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी की ममता देवी ने 28,718 वोटों से जीत हासिल की है। उन्होंने आजसू पार्टी की प्रत्याशी सुनीता चौधरी को हराया। इस चुनाव में ममता देवी को 99,944 वोट मिले, जबकि सुनीता चौधरी सिर्फ 71,226 वोट ही हासिल कर पाईं।

कुणाल षाड़ंगी: बहरागोड़ा विधानसभा में भाजपा के टिकट पर लड़े कुणाल षाड़ंगी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा और 60 हजार से अधिक मतों से हारे। बता दें कि इस सीट पर झामुमो प्रत्याशी समीर महंती को 1 लाख 6 हजार 17 मत प्राप्त हुए, वहीं कुणाल को 45,452 मत प्राप्त हुए। मतों के अंतर की बात करें तो समीर ने कुणाल को 60 हजार 565 मत के अंतर से हराया।

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