कस्टमर केयर में अपना नंबर डालकर, यूपईआइ लिंक भेजकर ठगी करने वाला साइबर अपराधी गिरफ्तार

धनबाद: सीटी एसपी ने आज अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सर्च इंजन गूगल पर उपलब्ध विभिन्न कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर को एडिट कर अपना नंबर डाल कर यूपीए लिंक कराने का मैसेज भेज कर भोले भाले लोगों से ठगी करने वाले साइबर अपराधी अजीम अंसारी को पुलिस ने गोविंदपुर के कालाडाबर से गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में सिटी एसपी आर रामकुमार ने पत्रकारों को बताया कि अजीम अंसारी भोले भाले लोगों को इंसुरेंस एवं सरकारी योजनाओं का लाभ देने का झांसा देकर बैंक में खाता खुलवाता था।

उन खातों में वह साइबर क्राइम द्वारा की गई ठगी का रुपया ट्रांसफर करता था। अजीम अंसारी गूगल सर्च इंजन में विभिन्न कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर को एडिट कर अपना नंबर डाल देता था। इस नंबर पर जब कोई ग्राहक किसी समस्या को लेकर कॉल करता था तब अजीम यूपीआई लिंक करने का मैसेज भेज कर अपने मोबाइल फोन से उस कस्टमर के खाता को एक्सेस करता था।

अजीम द्वारा भेजी गई लिंक को एक्सेस करते ही ग्राहक का बैंक खाता अजीम के मोबाइल नंबर से लिंक हो जाता था। इसके बाद अजीम गूगल फॉर्म को भेजकर उसमें यूपीआई पिन मंगवा लेता था और इसके बाद अजीम बड़ी आसानी से उक्त बैंक खाते से सारे रुपए अन्य खातों में ट्रांसफर कर एटीएम के माध्यम से रुपए निकाल लेता था।

फर्जी नाम से खरीदता था सिम

सिटी एसपी ने बताया कि अजीम अंसारी कोलकाता से फर्जी नाम से सिम खरीद कर लाता था। वहां एक से ₹ 2000 में आसानी से सिम प्राप्त कर लेता था। उन्होंने बताया कि जांच करने पर अजीम के फोन में 20 खाता का विवरण प्राप्त हुआ है। उसके फोन में फ्यूचर पे का ऐप भी मौजूद है। जिसमें विजय कुमार का नाम है। जो फर्जी है।

जालसाजों के झांसे में नहीं फंसने की अपील

सिटी एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे जालसाजों के झांसे में नहीं फंसे।
उन्होंने कहा कि लोग स्वयं अपना बैंक खाता खोलें और अपना एटीएम कार्ड स्वयं ऑपरेट करें। कस्टमर केयर का नंबर लेना हो तो कंपनी की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर ही उसे प्राप्त करें। कभी भी फोन पर कोई भी व्यक्ति द्वारा मांगी गई यूपीआई पिन नहीं दे। किसी को भी वन टाइम पासवर्ड एवं पिन नहीं बताएं। उन्होंने कहा कि लोग बहुत मेहनत करके पैसा कमाते हैं। इसकी सुरक्षा जागरूकता से ही की जा सकती है।

ऐसे पकड़ाया अजीम अंसारी

सिटी एसपी ने बताया कि फेडरल बैंक की निरसा शाखा के प्रबंधक ने साइबर थाना में गोरखपुर पुलिस के आवेदन पर एक मामला दर्ज कराया था। गोरखपुर पुलिस के साइबर सेल ने फेडरल बैंक निरसा शाखा के प्रबंधक को सूचना दी थी कि किसी साम लाल मरांडी के खाता में ठगी से अर्जित रुपए आए हैं। जिसके कारण उस खाता को होल्ड में रखा जाए।
बैंक ने जब उस खाता को होल्ड में रखा तब साम लाल मरांडी बैंक आया। इसकी सूचना बैंक प्रबंधक ने साइबर थाना एवं निरसा थाना को दी। साम लाल मरांडी, सुमिता हंसदा एवं संजय टूडू जो साथ में खाता खुलवाने आए थे, से पूछताछ की गई, तब पता चला कि अजीम अंसारी के द्वारा उन्हें रुपए देकर बैंक में खाता खुलवाने के लिए भेजा गया था।

अजीम अंसारी के विरुद्ध साइबर थाना में कांड संख्या 01/2020 दिनांक 03/01/2020 धारा 419/420/467/468/471 भा.द.वि. एवं आइटी अधिनियम की धारा 66सी/66डी दर्ज किया गया है

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