विधानसभा का पहला सत्र शुरू, नाला से झामुमो के विधायक रवींद्रनाथ महतो होंगे झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष

रांची: 5वीं झारखंड विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से पुराने विधानसभा भवन में शुरू हुआ। प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी ने नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका सीट छोड़ बरहेट विधानसभा सीट से विधायक के रूप में शपथ ली। इसके बाद सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ लिया। वहीं झामुमो के बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती विधानसभा सत्र में उपस्थित नहीं हो सके। इधर, रविंद्रनाथ महतो झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष होंगे। 7 जनवरी को झारखंड विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के नियम 8 ’1’ के अधीन विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। रवींद्रनाथ महतो नाला से तीन बार 2005, 2014 और 2019 में चुनाव जीते हैं। विधायी कार्यों के जानकार भी रहे हैं। रवींद्रनाथ महतो के विधानसभा अध्यक्ष बनने से अब संभावना प्रबल है कि स्टीफन मरांडी को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। स्टीफन झामुमो के वरिष्ठ नेता हैं। पहले सरकार में वित्त मंत्री भी रहे हैं। महेशपुर विधानसभा से वे दूसरी बार विधायक बने हैं, जबकि दुमका से पहले पांच बार चुनाव जीत चुके हैं।  मुख्यमंत्री ने प्रोटेम स्पीकर का अभिवादन किया और पंचम विधानसभा के लिए सभी निर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इससे पहले सदन के नेता के तौर पर वे विधानसभा में अपने चेंबर में भी गए और कुर्सी संभाली। इससे पहले वे खुद अपनी कार ड्राइव करते हुए विधासभा पहुंचे। सदन में मुख्यमंत्री ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों से मिलकर अभिवादन स्वीकार किया। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने भी मुख्यमंत्री और प्रोटेम स्पीकर से मिलकर उनका अभिवादन किया। हेमंत सोरेन ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, आजसू प्रमुख और सिल्ली के विधायक सुदेश कुमार महतो, निर्दलीय चुनमाव जीते सरयू राय से भी मिलकर अभिवादन स्वीकार किया। विधानसभा क्षेत्र के क्रम संख्या के अनुसार शपथ दिलाई गई। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, सुदेश महतो, चंपई सोरेन, रंधीर सिंह, अमित यादव, अमित मंडल, प्रदीप यादव, उमाशंकर अकेला, कमलेश सिंह, राजेंद्र सिंह समेत कई विधायकों ने सत्र के पहले दिन विधानसभा के सदस्यता की शपथ ली है। राजमहल से भाजपा के विधायक अनंत ओझा ने संस्कृत में शपथ ली। देवघर से भाजपा विधायक नारायण दास और गोड्डा से भाजपा विधायक अमित कुमार ने अंगिका में शपथ ली। टुंडी से झामुमो के विधायक मथुरा प्रसाद महतो, डुमरी से जगरनाथ महतो और गोमिया से आजसू के विधायक लंबोदर महतो ने खोरठा भाषा में सदस्यता की शपथ ली। इससे पहले बड़कागांव से कांग्रेस की विधायक अंबा प्रसाद अपनी जीप खुद ड्राइव करते हुए विधासभा पहुंचीं। विधानसभा में सत्ता पक्ष बेहद उत्साह में दिखा। गौरतलब है कि पंचम विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र 8 जनवरी तक चलेगा। इसके अगले दिन 7 जनवरी को झारखंड विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के नियम 8 ’1’ के अधीन विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। इसी दिन विधानसभा में 11.30 बजे पूर्वाह्न में राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जबकि वित्ताीय, इसके अलावा वर्ष 2019-2020 के द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश किए जाएंगे। इन सबके बीच भाजपा ने अभी विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया है। लिहाजा विशेष सत्र में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में कोई नहीं होगा। खबरों के मुताबिक सत्र के बाद विधायक दल के नेता का भाजपा चयन करेगी। गौरतलब है कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने राज्य में 47 सीटों पर चुनाव जीतकर सरकार बनाई है, जबकि 2014 में भाजपा की सरकार बनी थी। गठबंधन के पूर्ण बहुमत में आने और भाजपा की करारी हार से झारखंड की राजनीति भी सिरे से बदलती हुई दिख रही है। हेमंत सोरेन की सरकार में फिलहाल कांग्रेस से दो और राजद से एक मंत्री बनाए गए हैं। मंत्रिमंडल का विस्तार बाकी है। संकेत साफ मिल रहे हैं कि विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। झामुमो से कौन मंत्री बनेगा, इसपर सबकी निगाहे टिकी है। झामुमो विधानसभा चुनाव मे 30 सीटों पर जीत हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरा है। झामुमो के सहयोगी कांग्रेस को 16 सीटों पर जीत मिली है, जबकि भाजपा को 25 सीटों पर जीत मिली है। सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का समय 12 बजे तक के लिए था। केवल नाला से झामुमो विधायक रविंद्रनाथ महतो ने ही इसके लिए नामांकन किया।

हेमंत सोरेन ने छोड़ी दुमका सीट: बताते चलें कि हेमंत सोरेन ने दुमका व बरहेट विस सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने दोनों ही सीट पर जीत दर्ज की थी। सत्र शुरू होने के पहले उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना था। हेमंत सोरेन ने दुमका सीट को छोड़ बरहेट से विधानसभा सदस्यता की शपथ ली।

55 विधायकों ने हिंदी में, जबकि भाजपा के तीन विधायकों ने संस्कृत में ली शपथ: विधानसभा में 55 विधायकों ने हिंदी में, जबकि धनबाद, राजमहल और बोकारो से भाजपा के विधायकों ने संस्कृत में शपथ ली। वहीं अंगिका भाषा में देवघर, गढ़वा और गोड्डा से भाजपा विधायकों ने शपथ ली। अन्य विधायकों ने संथाली व अन्य भाषा में शपथ ली।

सुरक्षा के थे कड़े बंदोबस्त: सत्र के मद्देनजर विधानसभा के आसपास के क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शपथ ग्रहण समारोह में आनेवाले विधायकों के परिजनों और समर्थकों के सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाए। सत्र के दौरान कोई बाधा न हो, इसके लिए विधानसभा सचिवालय में निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ ही संचार और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था भी की गई है। शपथ ग्रहण के बाद शोक प्रकाश हृआ।

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