ओरमांझी के बनलोटवा गांव में मंगलवार को वन रक्षा बंधन कार्यक्रम के तहत वनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधे गए

रांची: ओरमांझी के बनलोटवा गांव में मंगलवार को वन रक्षा बंधन कार्यक्रम के तहत वनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधे गए। यह कार्यक्रम स्वयंसेवी संस्था पेट्सी संस्था, शिव शिष्य परिवार तथा वन सुरक्षा समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया। अपने आप में एक अनुठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। पेट्सी के सचिव सह शिव शिष्य परिवार के मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने कहा कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए इससे बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता कि हम वृक्षों को अपना समझें, क्योंकि हमारे जीवन की डोर वृक्षों के साथ जुड़ीं हैं। एक वृक्ष 16 लोगों को सांसें प्रदान करती है। वृक्ष ही नहीं रहेंगे तो हम सांस कहां से लेंगे, बारिश कहां से होगी। इसलिए पेड़ों को हम अपने परिवार का हिस्सा समझें। साथ ही उन्होंने कहा कि बनलोटवा गांव के नशामुक्त घोषित होने पर उन्होंने बनलोटवा के सभी निवासियों को बधाई दी और इसी तरह वनों के रक्षा की कड़ी को और आगे बढ़ाने का संकल्प दुहराया। साथ ही बताया की ये जंगल 362 एकड़ में फैला है। जिसमें 150 एकड़ को हमलोगों ने संरक्षित करने का काम किया है। इसके लिए बनलोटवा के ग्रामीण बधाई के पात्र हैं। ये हैं हमारी सांसों के रक्षक, आओ बनें इनके संरक्षक। शिव शिष्य परिवार की उपाध्यक्ष श्रीमती बरखा सिन्हा ने कहा कि मैं आर्विभूत हूं इस गांव से, इस मिट्टी को प्रणाम करती हूं जिसने नशामुक्ति को अपने जीवन का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का सकारात्मक प्रभाव परिवार से ही शुरू होता है। इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता कि परिवार, समाज और देश नशामुक्त हो जाए और हम-आप एक अच्छे समाज में जी सकें। इस अवसर पर सभी वन सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं अतिथियों को पेट्सी स्वयंसेवी संस्था द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बनलोटवा में पेटसी के प्रभात, राजन, वनलोटवा के शंकर महतो, कंदरू महतो, कमलनाथ महतो, ग्राम प्रधान देवचरण महतो, मुखिया नीलमोहन महतो एवं दर्जनों की संख्या में प्रकृति प्रेमी उपस्थित थे।

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