Category Archives: संपादकीय

बिहार की वर्तमान स्थिति को दर्शाती यह मार्मिक कविता

घर के चारो तरफ है पानी भरा एक दीवार है जो उसको कई दिनों से रोके खड़ापानी भी कोई साफ नहीं उसमें भी है बहुत कचड़ा पड़ा  एक परिवार है घर के अंदरजिन्हें बस पानी निकलने का इंतजार हैउनके साथ एक बालक भी है जिसकी उम्र केवल चार है यही जगह  बची है जो अभी सुखे में है  इसलिए हर कोने में सांप

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30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस, की सुरुआत ।

हिंदी भाषा में ‘उदन्त मार्तण्ड’ के नाम से पहला समाचार पत्र आज के ही दिन 30 मई 1826 में प्रकाशित किया गया था। इसलिए इस दिन को हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता से एक साप्ताहिक समाचार पत्र के तौर पर शुरू किया था। इसके प्रकाशक और संपादक भी वे

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रंजेश की कलम से

आज हमारा भारत दो हिस्सों में बंट गया है, एक तरफ तथाकथित भक्तों की जमात है तो दुसरी तरफ अंधविरोध करने वाले लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। दोनो प्रकार के लोग देश के लिए अभिशाप हैं । जब आप किसी भी व्यक्ति का अंधानुकरण करने लग जाते हैं तो आप स्वयं अपने हाथों में बेड़ियां बांधने लगते हैं। दुसरी

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सारे आतंकवादी मुसलमान क्यों होते हैं ?

सारे आतंकवादी मुसलमान क्यों होते हैं ? ये सवाल पुछ पुछ कर आपसी सोहार्द ना खोएं । पहली बात ये समझ लिजिए की हर एक मुस्लिम आतंकवादी नहीं है । हां मानता हूं कि कुछ कुरान की आयतों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता है जिसके कारण कुछ मुसलमान जल्दी बहक जाते हैं । आज दुनिया भर में 1700

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भारत : एक अगली महाशक्ति ?

भारत एक उभरती हुई अर्थ व्यवस्था है, इसमें कोई दो राय नहीं है पर मैं यह सोचने के लिए मज़बूर हो जाता हूँ की क्या दुनिया की अगली महाशक्ति के रूप में हम दुनिया को क्या सीखा पाएंगे जबकि हमारे खुद की समस्याएं अनसुलझी हुई है। क्या हमारी सड़को पे यही कचड़ो का ढेर पड़ा रहेगा, क्या हमारी महिलाएं ऐसी

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